सामग्री पर जाएं
मैच डे क्रिकेट
एशेज़ 2026 शेड्यूल: 5 टेस्ट की 3 अनदेखी सच्चाइयाँ

एशेज़ 2026 शेड्यूल: 5 टेस्ट की 3 अनदेखी सच्चाइयाँ

एशेज़ सीरीज़ 2026 शेड्यूल असल में 2025-26 सीज़न की सीरीज़ है, जिसे ऑस्ट्रेलिया ने 21 नवंबर 2025 से 8 जनवरी 2026 के बीच पाँच टेस्ट में खेला। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और ECB की घोषणा के मुताबिक़ क्रम यह रहा:...

3 अक्टूबर 2026 §

एशेज़ 2026 शेड्यूल: 5 टेस्ट की 3 अनदेखी सच्चाइयाँ

एशेज़ सीरीज़ 2026 शेड्यूल असल में 2025-26 सीज़न की सीरीज़ है, जिसे ऑस्ट्रेलिया ने 21 नवंबर 2025 से 8 जनवरी 2026 के बीच पाँच टेस्ट में खेला। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और ECB की घोषणा के मुताबिक़ क्रम यह रहा: पर्थ स्टेडियम (21–25 नवंबर), ब्रिस्बेन का गाबा डे-नाइट टेस्ट (4–8 दिसंबर), एडिलेड ओवल (17–21 दिसंबर), मेलबर्न MCG का बॉक्सिंग डे टेस्ट (26–30 दिसंबर) और सिडनी SCG (4–8 जनवरी)। चालीस साल से ज़्यादा में पहली बार शुरुआत गाबा के बजाय पर्थ से हुई। पूरी सीरीज़ 49 दिनों में सिमटी थी और आख़िरी तीन टेस्ट के बीच सिर्फ़ चार-चार खाली दिन थे। यानी कुल 25 निर्धारित खेल-दिवस, सिर्फ़ सात हफ़्ते में। अगली एशेज़ 2027 में इंग्लैंड में होगी, इसलिए 2026 में नई सीरीज़ ढूँढना बेकार है। सलाह: तारीख़ें सिर्फ़ आधिकारिक बोर्ड की साइट से मिलाएँ और भारतीय समय में बदलकर अपने कैलेंडर में सहेज लें।

मैं सीधे कह देता हूँ, क्योंकि पिछली बार भी चेताया था और आपने सुना नहीं: एशेज़ का शेड्यूल खोजते समय जो पहली साइट खुले, उस पर आँख मूँदकर भरोसा मत कीजिए। मैं ख़ुद एक बार नक़ली टिकट-साइट के जाल में फँस चुका हूँ। "सीमित सीटें" का बैनर देखा, जल्दबाज़ी में कार्ड नंबर डाला, और हाथ आई सिर्फ़ पछतावे की रसीद। तब से हर तारीख़, हर मैदान का नाम और हर लिंक दो-दो बार जाँचता हूँ। यही तो समझदारी है, या मैं ग़लत कह रहा हूँ? "एशेज़ सीरीज़ 2026 शेड्यूल" जैसी खोज में चार तरह की सामग्री सामने आती है: एक सही कार्यक्रम-तालिका, इंस्टाग्राम रील्स की भीड़, एक असंबंधित स्कोरकार्ड और एक कैसीनो-सूची। इनमें से सिर्फ़ पहली आपके काम की है, और उसे भी आधिकारिक स्रोतों से मिलाना ज़रूरी है। इस लेख में मैच डे क्रिकेट की ओर से हम वही तालिका साफ़-साफ़ रख रहे हैं, तीन भ्रम तोड़ते हुए, ताकि आप दोबारा किसी के झाँसे में न आएँ।

a cricket fan at a desk checking a printed Ashes fixture list against a laptop, coffee beside them

अगर आप तारीख़ों के साथ मैच-विश्लेषण भी पढ़ना चाहते हैं, तो आगे बढ़िए और पूरी जानकारी देखिए।

और जानें

एशेज़ 2026 शेड्यूल एक नज़र में: कौन-सा टेस्ट कब और कहाँ?

पाँच टेस्ट, पाँच मैदान: पर्थ (21–25 नवंबर 2025), ब्रिस्बेन गाबा डे-नाइट (4–8 दिसंबर), एडिलेड (17–21 दिसंबर), मेलबर्न बॉक्सिंग डे (26–30 दिसंबर) और सिडनी (4–8 जनवरी 2026)। सीरीज़ कुल 49 दिन चली और पहली बार शुरुआत पर्थ से हुई।

टेस्ट मैदान तारीख़ें
पहला पर्थ स्टेडियम, पर्थ 21–25 नवंबर 2025
दूसरा (डे-नाइट) द गाबा, ब्रिस्बेन 4–8 दिसंबर 2025
तीसरा एडिलेड ओवल, एडिलेड 17–21 दिसंबर 2025
चौथा MCG, मेलबर्न 26–30 दिसंबर 2025
पाँचवाँ SCG, सिडनी 4–8 जनवरी 2026

अब तालिका से आगे की बात, जो ज़्यादातर पन्ने बताते ही नहीं। सीरीज़ 21 नवंबर 2025 से 8 जनवरी 2026 तक, यानी पूरे 49 दिन में फैली थी, पर पहले दो टेस्ट के बीच आठ खाली दिन मिले: पर्थ 25 नवंबर को ख़त्म हुआ और ब्रिस्बेन 4 दिसंबर को शुरू। गाबा और एडिलेड के बीच भी आठ खाली दिन (9 से 16 दिसंबर) थे। फिर नक़्शा अचानक कस जाता है: एडिलेड (21 दिसंबर) से मेलबर्न (26 दिसंबर) तक सिर्फ़ चार दिन, और मेलबर्न (30 दिसंबर) से सिडनी (4 जनवरी) तक भी चार दिन। यानी आख़िरी तीन टेस्ट में तेज़ गेंदबाज़ों का रोटेशन, चोट और बेंच की ताक़त सबसे ज़्यादा कसौटी पर रहती है। सोचिए, जब अंतराल आधा रह जाए तो थकान किसे ज़्यादा भारी पड़ती है? मेरी नज़र में यही वह बारीकी है जो सुर्ख़ियों में नहीं आती, पर टीम-चयन का गणित बदल देती है।

इस तालिका से तीन व्यावहारिक नतीजे निकलते हैं:

  1. शुरुआती दो अंतराल (आठ-आठ दिन) में टीमें फ़ॉर्म और फ़िटनेस सँभाल सकती थीं।
  2. 21 दिसंबर के बाद का चार-चार दिन का अंतराल यात्रा और रिकवरी, दोनों के लिए तंग था।
  3. पाँचों टेस्ट पाँच-पाँच दिन के थे, इसलिए 25 खेल-दिवसों से कम की उम्मीद सिर्फ़ तभी रखें जब नतीजे जल्दी आ जाएँ।

[Internal Link: एशेज़ का इतिहास और अब तक के नतीजे]

aerial view of Perth Stadium at dusk with floodlights on and a green pitch at centre

कैलेंडर में निशान लगाने से पहले एक बार पूरा विश्लेषण देख लेना बेहतर रहेगा।

और जानें

मिथ 1: "एशेज़ हमेशा ब्रिस्बेन के गाबा से शुरू होती है" — झूठ साबित

यह भ्रम पुराने दर्शकों में सबसे गहरा है, और मैं कहता हूँ कि भरोसे की यही आदत धोखा खिलाती है। चालीस साल से ज़्यादा समय बाद इस बार सीरीज़ का पहला टेस्ट गाबा में नहीं, पर्थ के नए पर्थ स्टेडियम में 21 नवंबर 2025 को शुरू हुआ। पर्थ की सतह तेज़ और उछालभरी मानी जाती है, इसलिए अनजान हालात में इंग्लैंड की अनुकूलन-क्षमता शुरू से परखी गई। गाबा को हटाया नहीं गया, उसे दूसरा टेस्ट मिला, और वह भी डे-नाइट यानी गुलाबी गेंद से। रात की रोशनी में ओस, गेंद की दृश्यता और स्विंग की अलग चाल रणनीति बदल देती है। इसलिए "पहला टेस्ट गाबा में" मानकर पुरानी भविष्यवाणियाँ पढ़ने वाले ग़लत ज़मीन पर खड़े थे। एशेज़ की परंपरा की पृष्ठभूमि के लिए Wikipedia: The Ashes देखी जा सकती है। मगर कार्यक्रम की पुष्टि हमेशा Cricket Australia की घोषणा से कीजिए, किसी तीसरे पन्ने की नक़ल से नहीं, वरना मेरी तरह पछताएँगे।

मिथ 2: "असली फ़ैसला बॉक्सिंग डे और न्यू ईयर टेस्ट में ही होता है" — आंशिक रूप से सच

MCG का बॉक्सिंग डे (26 दिसंबर) और SCG का नववर्ष टेस्ट (4 जनवरी) सचमुच एशेज़ के सबसे भव्य मंच हैं: भारी भीड़, भारी उम्मीदें, और अक्सर सीरीज़ का भावनात्मक चरम। इस हद तक बात सच है। पर "फ़ैसला वहीं होता है" कहना जल्दबाज़ी है, क्योंकि फ़ैसला तभी टलता है जब सीरीज़ तब तक ज़िंदा हो। नियम याद रखिए: सीरीज़ बराबर रहे तो ट्रॉफ़ी उसी टीम के पास रहती है जिसके पास पहले से थी। 2023 की इंग्लैंड-मेज़बान सीरीज़ 2-2 पर ख़त्म हुई थी और ऑस्ट्रेलिया ने एशेज़ बरक़रार रखी थी। यानी कोई टीम शुरुआती तीन टेस्ट में आगे निकल जाए तो अंतिम दो टेस्ट रस्म बनकर रह जाते हैं। इसके उलट, अगर पहले तीन टेस्ट में बराबरी रहे तो हर सत्र कीमती हो जाता है। तो क्या आप मान लेंगे कि सिर्फ़ दो तारीख़ें मायने रखती हैं? मैं तो नहीं मानता।

फ़ैसले के लिहाज़ से इन मैदानों को ऐसे समझिए:

  • पर्थ और गाबा: शुरुआती बढ़त और मनोबल तय करते हैं।
  • एडिलेड: संतुलित पिच, इसलिए बीच के टेस्ट में दबाव का केंद्र।
  • मेलबर्न और सिडनी: निर्णायक तभी, जब तब तक सीरीज़ खुली हो।

[Internal Link: डे-नाइट टेस्ट में गुलाबी गेंद की रणनीति]

Melbourne Cricket Ground packed with spectators on Boxing Day, bright summer sunlight on the outfield

अगर आप हर टेस्ट का अलग-अलग मूल्यांकन चाहते हैं, तो यहाँ से आगे की रिपोर्टें खोलिए।

और जानें

मिथ 3: क्या एशेज़ 2026 कोई अलग सीरीज़ है? — सरासर ग़लत

नहीं। "एशेज़ 2026" नाम की कोई अलग सीरीज़ नहीं है; जिसे लोग 2026 की एशेज़ कहते हैं, वह 2025-26 सीज़न की वही सीरीज़ है जिसका आख़िरी टेस्ट 4–8 जनवरी 2026 को सिडनी में खेला गया। अगला एशेज़ मुक़ाबला 2027 में इंग्लैंड की ज़मीन पर होगा।

उलझन की जड़ सीधी है: ऑस्ट्रेलियाई गर्मियों का सीज़न दो कैलेंडर वर्षों में फैलता है, इसलिए नाम में "2025-26" आता है, पर खोजने वाले आख़िरी महीने देखकर सिर्फ़ "2026" टाइप कर देते हैं। इसी चूक का फ़ायदा वे साइटें उठाती हैं जो पुरानी तारीख़ों पर "आने वाला मुक़ाबला" का लेबल चिपका देती हैं। एशेज़ बारी-बारी से दोनों देशों में होती है: इंग्लैंड 2023, ऑस्ट्रेलिया 2025-26, फिर इंग्लैंड 2027। इसलिए कोई पन्ना अक्टूबर 2026 में "अगले हफ़्ते से एशेज़" की बात करे तो समझ लीजिए कि कुछ गड़बड़ है। मैं तो ऐसे पन्ने पर एक सेकंड नहीं रुकता, और आपको भी नहीं रुकना चाहिए। आधिकारिक पुष्टि के लिए ECB और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया दोनों की घोषणाएँ मिलाइए।

असल में क्या काम आता है?

तीन काम: तारीख़ें क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया या ECB जैसे आधिकारिक स्रोत से मिलाएँ, हर टेस्ट का समय भारतीय समय में बदलें (पर्थ +2:30, ब्रिस्बेन +4:30, एडिलेड +5:00, मेलबर्न-सिडनी +5:30 घंटे आगे), और सिर्फ़ मान्य प्लेटफ़ॉर्म ही चुनें, बाक़ी सब बाद में।

समय का यह हिसाब वह जानकारी है जो ज़्यादातर पन्ने छोड़ देते हैं, और भारतीय दर्शक के लिए सबसे उपयोगी है। मिसाल के तौर पर, अगर किसी सत्र की शुरुआत स्थानीय समय में सुबह 10 बजे हो, तो सिडनी या मेलबर्न में वह भारत में तड़के 4:30 बजे पड़ेगा, जबकि पर्थ में वही 10 बजे भारत में 7:30 बजे के बराबर है। इसी वजह से पर्थ का पहला टेस्ट भारत से देखना सबसे आसान था और सिडनी का आख़िरी टेस्ट सबसे कठिन। एक और बात: एडिलेड में आधे घंटे का अलग अंतर है, जिसे लोग अक्सर भूल जाते हैं और अलार्म ग़लत लगा बैठते हैं। मैं ख़ुद पहली बार यही चूका था। गाबा का डे-नाइट टेस्ट अपवाद है, क्योंकि उसका पूरा रात वाला हिस्सा भारत में सुबह-दोपहर पर पड़ता है, इसलिए वहाँ समय की सुविधा ज़्यादा रहती है।

क्रम से अपनाने लायक़ आदतें:

  1. आधिकारिक बोर्ड की साइट से तारीख़ें लेकर अपने कैलेंडर में डालें।
  2. हर टेस्ट के लिए अपने शहर का समय एक बार हाथ से जाँचें।
  3. टिकट सिर्फ़ मैदान या बोर्ड की सूचीबद्ध टिकटिंग साझेदार से लें।
  4. पुष्टि के बाद ही कोई भुगतान करें, जल्दबाज़ी वाले बैनरों को अनदेखा करें।

मैच डे क्रिकेट पर हम मैच समीक्षा, खिलाड़ियों के आँकड़े और रणनीति रोज़ अपडेट करते हैं, ताकि कार्यक्रम से लेकर विश्लेषण तक आपको अलग-अलग भटकना न पड़े। [Internal Link: मैच डे क्रिकेट पर खिलाड़ी आँकड़े]

smartphone on a table showing a cricket schedule app with time zone converter, beside a notebook and pen

कैलेंडर तैयार हो जाए तो अगला क़दम भी यहीं से उठाइए।

और जानें

किसे अनदेखा करना चाहिए?

तीन चीज़ें अनदेखी करें: बिना स्रोत की "सटीक भविष्यवाणी" वाली रील्स, एशेज़ के नाम पर दिखने वाले असंबंधित स्कोरकार्ड (जैसे अफ़ग़ानिस्तान A बनाम भारत A), और "शेड्यूल" खोजने पर थमाए जाने वाले कैसीनो-बोनस पेज। इनसे आपको तारीख़ नहीं, सिर्फ़ भटकाव मिलता है। बस इतना याद रखिए।

अब ज़रा हिसाब लगाइए। इंस्टाग्राम पर "एशेज़ क्रिकेट सीरीज़ शेड्यूल 2026" के नाम से बहुत देखी गई रील को लगभग 7.31 लाख व्यू मिले, पर व्यू की गिनती से तारीख़ें सही नहीं हो जाती। उसी खोज में कुछ पर्चियाँ "अपनी एशेज़ भविष्यवाणी लिखिए" जैसे आमंत्रण भर होती हैं, जिनमें जानकारी नहीं, सिर्फ़ फ़ॉलो करवाने की जुगत है। अफ़ग़ानिस्तान A और भारत A के उस स्कोरकार्ड में प्रभसिमरन के 84 रन और 167/3 का स्कोर है, जो एशेज़ से कोई वास्ता नहीं रखता। और अगस्त 2026 की अमेरिकी "बेस्ट ऑनलाइन कैसीनो" सूची? वह तो अमेरिकी खिलाड़ियों के लिए बनी है, भारतीय क्रिकेट-प्रेमी के लिए नहीं। मेरा सीधा सुझाव है कि दाँव या कैसीनो जैसी चीज़ों की ओर खिंचने से पहले अपने राज्य के नियम देखिए और ख़र्च की सीमा पहले से तय कीजिए। और सच कहूँ तो क्रिकेट को क्रिकेट ही रहने दीजिए। [Internal Link: ज़िम्मेदारी से खेल देखने के सुझाव]

एशेज़ सीरीज़ 2026 शेड्यूल का निचोड़ सरल है: पाँच टेस्ट, पाँच मैदान, 49 दिन, और एक सीख कि भरोसे से पहले जाँच ज़रूरी है। पर्थ से शुरू होकर सिडनी पर ख़त्म होती इस सीरीज़ में तारीख़ों से ज़्यादा काम की बात अंतरालों की बनावट थी: शुरू में आठ-आठ दिन, अंत में चार-चार। गाबा का डे-नाइट टेस्ट और MCG का बॉक्सिंग डे इसकी रंगत थे, पर एकमात्र निर्णायक नहीं। और "2026 की अलग एशेज़" जैसा कुछ नहीं है; अगला मौक़ा 2027 में इंग्लैंड में आएगा। मैं कितनी बार कहूँ कि पहले आधिकारिक स्रोत, फिर बाक़ी सब? अगर यह बात अब भी नहीं बैठी, तो अगली बार किसी नक़ली पन्ने पर जेब कटवाने की ज़िम्मेदारी आपकी अपनी होगी। इसलिए तारीख़ें सहेजिए, समय बदलकर लिखिए और रोज़ के क्रिकेट-विश्लेषण के लिए हमारे पन्ने से जुड़े रहिए।

अब देर किस बात की, अपना अगला क़दम आज ही तय कीजिए।

और जानें

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Q: एशेज़ सीरीज़ क्या है?

A: एशेज़ इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली जाने वाली सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित टेस्ट सीरीज़ है। इसकी शुरुआत 1882 में मानी जाती है और यह बारी-बारी से दोनों देशों में होती है। ताज़ा सीरीज़ ऑस्ट्रेलिया में 2025-26 सीज़न में पाँच टेस्ट की रही, और ट्रॉफ़ी बराबरी पर उसी टीम के पास रहती है जिसके पास पहले से हो।

Q: एशेज़ 2025-26 की पाँचों टेस्ट की तारीख़ें और मैदान क्या थे?

A: पाँचों टेस्ट पर्थ, ब्रिस्बेन, एडिलेड, मेलबर्न और सिडनी में हुए। पहला 21–25 नवंबर 2025 को पर्थ स्टेडियम में, दूसरा 4–8 दिसंबर को गाबा में (डे-नाइट), तीसरा 17–21 दिसंबर को एडिलेड ओवल में, चौथा 26–30 दिसंबर को MCG में और पाँचवाँ 4–8 जनवरी 2026 को SCG में खेला गया। कुल अवधि 49 दिन थी।

Q: भारतीय समय में एशेज़ के मैच का समय कैसे निकालें?

A: स्थानीय समय में शहर के अनुसार घंटे जोड़िए: पर्थ +2:30, ब्रिस्बेन +4:30, एडिलेड +5:00 और मेलबर्न-सिडनी +5:30 घंटे। यानी सिडनी में सुबह 10 बजे का सत्र भारत में तड़के 4:30 बजे पड़ेगा, जबकि पर्थ में 10 बजे का सत्र भारत में 7:30 बजे। अलार्म लगाने से पहले अपने सत्र का समय आधिकारिक कार्यक्रम से दोबारा मिला लें।

Q: डे-नाइट टेस्ट आम टेस्ट से कैसे अलग है?

A: डे-नाइट टेस्ट में गुलाबी गेंद इस्तेमाल होती है और खेल का बड़ा हिस्सा फ़्लडलाइट में चलता है। शाम और रात में ओस, गेंद की दृश्यता और स्विंग की चाल बदल जाती है, इसलिए कप्तान और गेंदबाज़ों को सत्र-दर-सत्र रणनीति बदलनी पड़ती है। इस सीरीज़ में ब्रिस्बेन के गाबा का दूसरा टेस्ट (4–8 दिसंबर) इसी प्रारूप में था।

Q: टिकट या स्ट्रीमिंग वाली साइट नक़ली लगे तो क्या करें?

A: तुरंत भुगतान रोकें और कोई भी कार्ड या बैंक विवरण दर्ज न करें। पता जाँचें कि साइट क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया या ECB की आधिकारिक सूची में टिकट या प्रसारण साझेदार के रूप में है या नहीं। भुगतान हो चुका हो तो बैंक को तुरंत सूचित करके कार्ड ब्लॉक करवाएँ और भारत में साइबर अपराध शिकायत पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज करें।

Q: क्या सारे टेस्ट मुफ़्त में देखे जा सकते हैं?

A: इसकी कोई गारंटी नहीं है; प्रसारण अधिकार आम तौर पर तय प्रसारकों या सब्सक्रिप्शन सेवाओं के पास होते हैं, इसलिए मुफ़्त और पूरी कवरेज की उम्मीद न रखें। प्रसारण की उपलब्धता और शुल्क देश और समय के हिसाब से बदलते हैं, इसलिए आधिकारिक बोर्ड की साइट पर सूचीबद्ध साझेदार ही देखें। "मुफ़्त लाइव" का दावा करने वाले अनजान लिंक आपके उपकरण और डेटा दोनों के लिए जोखिम हैं।

संबंधित लेख